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‘Her rough phase is gone’ – Harmanpreet pleased with Ghosh’s return to form: भारत-पाक मैच से पहले हरमनप्रीत का बड़ा बयान

ऋचा घोष की फॉर्म में वापसी: भारतीय खेमे के लिए बड़ी राहत

क्रिकेट में कभी-कभी सिर्फ एक अच्छी पारी खिलाड़ी का खोया हुआ आत्मविश्वास वापस दिलाने के लिए काफी होती है। भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का मानना है कि पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के पहले मैच से ठीक पहले इंग्लैंड के खिलाफ ऋचा घोष द्वारा खेली गई आतिशी पारी ने टीम में नया उत्साह भर दिया है। कप्तान ने खुशी जताते हुए कहा कि ‘Her rough phase is gone’ – Harmanpreet pleased with Ghosh’s return to form और अब ऋचा टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विरोधियों को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उतार-चढ़ाव भरा रहा है ऋचा का हालिया सफर

अगर हम ऋचा घोष के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें, तो उनका सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। अप्रैल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की सीरीज में भारत को 4-1 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उस सीरीज में ऋचा ने शानदार खेल दिखाया था। उन्होंने 42.50 की औसत और 157.40 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से कुल 85 रन बनाए थे। हालांकि, इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान उनकी फॉर्म में गिरावट देखी गई, जहां वह तीन पारियों में केवल 18 रन ही बना सकीं।

लेकिन बुधवार को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैच में उन्होंने अपनी क्लास दिखाई। भारत की बल्लेबाजी जब बिखर रही थी, तब ऋचा ने महज 36 गेंदों में 68 रनों की तूफानी पारी खेली। हालांकि भारत यह मैच केवल 5 रनों से हार गया, लेकिन ऋचा की इस पारी ने टीम को जीत की दहलीज पर खड़ा कर दिया था। इस मैच में भारत का कोई भी अन्य बल्लेबाज 18 रन के आंकड़े को भी पार नहीं कर सका, जो ऋचा की पारी के महत्व को दर्शाता है।

हरमनप्रीत कौर ने जताई खुशी, कहा- “वह हमारी गेम-चेंजर हैं”

पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले की पूर्व संध्या पर मीडिया से बात करते हुए कप्तान हरमनप्रीत कौर ने ऋचा घोष की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “हम सभी ऋचा के इस आत्मविश्वास को वापस पाने का इंतजार कर रहे थे। वह हमारी टीम की एक बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी और असली गेम-चेंजर हैं। हम सभी इस बात से बेहद खुश हैं कि वह अपनी लय में लौट आई हैं और उनका आत्मविश्वास फिर से बढ़ गया है।”

हरमनप्रीत ने आगे कहा, “उस मैच के बाद वह नेट्स पर भी बेहद शानदार बल्लेबाजी कर रही हैं। एक अच्छी पारी आपको बहुत सारा आत्मविश्वास देती है और हमने देखा है कि जैसे ही उन्होंने वे रन बनाए, वह नेट्स पर पूरी तरह से एक अलग खिलाड़ी के रूप में नजर आ रही हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनका खराब दौर अब पीछे छूट चुका है।”

हार से सीखकर आगे बढ़ रही है टीम इंडिया

भारतीय कप्तान का मानना है कि उनकी टीम सही समय पर अपने चरम पर पहुंच रही है। टीम ने हाल के दिनों में काफी समय विदेशी परिस्थितियों में बिताया है, जिससे उन्हें अपनी कमियों को समझने का मौका मिला। हरमनप्रीत ने कहा, “आप हमेशा एक तय योजना के साथ मैदान पर नहीं उतर सकते। आपको परिस्थितियों के अनुसार लचीला होना पड़ता है। मुझे लगता है कि यह सबसे महत्वपूर्ण बात है जो हमने अब तक सीखी है और हम इसका उपयोग इस बड़े टूर्नामेंट में करेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “जब सब कुछ अच्छा चल रहा होता है, तो कभी-कभी आपको अपनी कमियों का पता नहीं चलता। लेकिन जब आप हारते हैं, तो आपको बहुत कुछ सीखने को मिलता है। पिछले डेढ़ महीने ने हमें सुधार के कई क्षेत्र दिखाए हैं। हमने टीम मीटिंग्स में इन पर चर्चा की है और इसे मैदान पर लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। हार से मिले अनुभवों का फायदा हमें इस टूर्नामेंट में जरूर मिलेगा।”

पाकिस्तान खेमे में हलचल: फातिमा सना को लगी चोट

दूसरी तरफ, पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना मैच से पहले नेट प्रैक्टिस के दौरान चोटिल होने से बाल-बाल बचीं। नेट सत्र में गेंदबाजी करते समय आयशा जफर के एक सीधे शॉट से गेंद सीधे फातिमा के घुटने पर जा लगी, जिससे पाकिस्तानी खेमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, फातिमा ने उम्मीद जताई है कि वह रविवार को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में खेलने के लिए पूरी तरह फिट हो जाएंगी।

फातिमा सना ने अपनी टीम की तैयारियों को लेकर कहा, “अब सब कुछ ठीक है। हम सभी तैयार हैं और यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं क्योंकि हम पिछले दो हफ्तों से यहीं हैं और हमने आयरलैंड के खिलाफ भी सीरीज खेली है। हमें बस अपनी योजनाओं को मैदान पर बेहतर तरीके से लागू करने और शांत रहने की जरूरत है।”

वाहब रियाज की देखरेख में पाकिस्तान की आक्रामक रणनीति

पाकिस्तान की टीम ने हाल के दिनों में संघर्ष किया है। वे डबलिन में खेली गई त्रिकोणीय श्रृंखला में वेस्टइंडीज और आयरलैंड से अपने दोनों मैच हार गए थे। इससे पहले इस साल फरवरी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उन्हें 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी थी। फातिमा ने बताया कि उनकी टीम अब अधिक आक्रामक बल्लेबाजी शैली पर काम कर रही है।

टीम के मुख्य कोच और पूर्व तेज गेंदबाज वाहब रियाज खुद नेट्स पर पाकिस्तानी बल्लेबाजों को गति और उछाल का सामना करने का अभ्यास करा रहे हैं। फातिमा ने कहा, “टी20 क्रिकेट में अब आक्रामक रवैया ही हावी है। हमारा प्रयास है कि हम गेंदबाजों पर जितना अधिक दबाव बनाएंगे, हमारे लिए खेल उतना ही आसान होगा। हमारे सभी बल्लेबाजों को आक्रामक खेलने का निर्देश दिया गया है, चाहे वह शुरुआती ओवर हों, मध्य ओवर या अंतिम ओवर।”

भारत बनाम पाकिस्तान: आंकड़ों का खेल और दबाव का सामना

टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत और पाकिस्तान के बीच का इतिहास पूरी तरह से भारत के पक्ष में रहा है। दोनों टीमों के बीच खेले गए 16 मुकाबलों में से पाकिस्तान केवल 3 बार ही जीत दर्ज कर पाया है। पाकिस्तान ने आखिरी बार भारत को 2022 के एशिया कप में हराया था।

दबाव के सवाल पर हरमनप्रीत कौर ने बेहद परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगी कि कोई दबाव नहीं है। दबाव निश्चित रूप से होता है। जब से मैंने क्रिकेट देखना शुरू किया है, एक प्रशंसक के रूप में मैंने वह दबाव महसूस किया है और अब जब हम खुद खेलते हैं, तो यह और भी बढ़ जाता है। लेकिन हम हमेशा कहते हैं कि हम इस खेल का जितना आनंद लेंगे, यह हमारे लिए उतना ही बेहतर होगा। हम भाग्यशाली हैं कि हमें इतने बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है और हम मैदान पर जाकर अपने सर्वश्रेष्ठ खेल का आनंद लेना चाहते हैं।”