LisIPL Players With Most Ducks – IPL Players With Most Ducks: जानें किन खिलाड़ियों के नाम है यह शर्मनाक रिकॉर्ड
IPL के इतिहास का एक अनचाहा पहलू: डक का सिलसिला
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है, जहां हर साल बल्लेबाजों का जलवा देखने को मिलता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इस लीग में बल्लेबाजों की सफलता के साथ-साथ एक ऐसा सांख्यिकीय रिकॉर्ड भी है जो कोई खिलाड़ी अपने नाम नहीं करना चाहता? हम बात कर रहे हैं ‘डक’ यानी शून्य पर आउट होने की।
LisIPL Players With Most Ducks: सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ी
आमतौर पर यह माना जाता है कि ‘डक’ का आंकड़ा अक्सर निचले क्रम के बल्लेबाजों (tailenders) के खाते में जाता है, लेकिन आईपीएल के आंकड़ों को देखें तो स्थिति थोड़ी अलग है। कई अनुभवी और महान बल्लेबाजों ने भी अपनी लंबी आईपीएल यात्रा के दौरान शून्य का कड़वा स्वाद चखा है। आइए जानते हैं उन खिलाड़ियों के बारे में जिनके नाम सबसे ज्यादा डक दर्ज हैं।
19 डक: रोहित शर्मा और ग्लेन मैक्सवेल
यह सूची देखकर क्रिकेट फैंस को हैरानी हो सकती है। रोहित शर्मा और ग्लेन मैक्सवेल इस अनचाहे रिकॉर्ड में संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं।
- रोहित शर्मा: आईपीएल के इतिहास में 7,000 से अधिक रन बनाने वाले दो बल्लेबाजों में से एक, रोहित शर्मा का नाम इस सूची के शीर्ष पर होना चौंकाने वाला है। उन्होंने डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए 276 पारियों में 19 बार शून्य का सामना किया है। उनका 19वां डक आईपीएल 2026 के दौरान वानखेड़े स्टेडियम में आया।
- ग्लेन मैक्सवेल: ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने केवल 135 पारियों में 19 डक बनाए हैं। उनका अनुपात काफी खराब है, क्योंकि वे लगभग हर सातवीं पारी में शून्य पर आउट होते हैं। हालांकि मैक्सवेल ने कई बार अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच पलटे हैं, लेकिन उनका आईपीएल करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है।
18 डक: दिनेश कार्तिक और सुनील नरेन
दूसरे स्थान पर दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने आईपीएल में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
दिनेश कार्तिक ने 17 साल के अपने लंबे करियर में 257 मैच खेले और 18 बार शून्य पर पवेलियन लौटे। वहीं, केकेआर के लिए अहम भूमिका निभाने वाले सुनील नरेन ने भी 18 डक बनाए हैं। हालांकि, नरेन की बल्लेबाजी का स्ट्राइक रेट 165.30 का है, जो यह साबित करता है कि वे रिस्क लेकर खेलने वाले खिलाड़ी हैं।
16 डक: पीयूष चावला और राशिद खान
गेंदबाजी में कमाल करने वाले ये दो स्पिनर्स इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।
पीयूष चावला ने 92 पारियों में 16 बार डक का सामना किया है। हालांकि, उनके पास केकेआर के लिए 2014 के फाइनल में खेली गई महत्वपूर्ण पारी की सुखद यादें भी हैं। दूसरी ओर, राशिद खान ने भी 16 बार शून्य का सामना किया है। राशिद अपनी गेंदबाजी के अलावा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और 157.36 के स्ट्राइक रेट के लिए भी जाने जाते हैं, जो अक्सर मैच के अंतिम क्षणों में टीम को जीत दिलाने में मदद करते हैं।
निष्कर्ष: क्या यह रिकॉर्ड चिंता का विषय है?
आईपीएल में डक का रिकॉर्ड होना किसी भी बल्लेबाज के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन यह इस बात का भी संकेत है कि खिलाड़ी अपनी टीम के लिए रिस्क लेकर खेलने की कोशिश करते हैं। विशेष रूप से मैक्सवेल या सुनील नरेन जैसे खिलाड़ी, जो टी20 प्रारूप में तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं, अक्सर जोखिम भरे शॉट खेलते हुए आउट होते हैं। इन आंकड़ों के बावजूद, इन खिलाड़ियों का योगदान आईपीएल के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
यह सूची हमें याद दिलाती है कि क्रिकेट एक अनिश्चितताओं का खेल है, जहां सबसे महान खिलाड़ी भी कभी-कभी बिना खाता खोले पवेलियन लौट सकते हैं।