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‘Revenge, spite’ driving Schutt in World Cup swansong

मेगन शूट का आखिरी विश्व कप अभियान

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की दिग्गज तेज गेंदबाज मेगन शूट ने घोषणा की है कि आने वाला टी20 विश्व कप उनका अंतिम बड़ा टूर्नामेंट होगा। 33 वर्षीय शूट ने स्पष्ट किया है कि वे इस टूर्नामेंट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की ओर बढ़ रही हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक आधिकारिक तौर पर संन्यास की तारीख तय नहीं की है, लेकिन उनकी ‘आत्म-जागरूकता’ उन्हें यह अहसास दिलाती है कि अब नई पीढ़ी के लिए रास्ता छोड़ने का समय आ गया है।

बदले की भावना और जीत की भूख

शूट ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि ‘Revenge, spite’ driving Schutt in World Cup swansong जैसी भावनाएं उन्हें इस बार प्रेरित कर रही हैं। पिछले दो विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में मिली निराशाजनक हार ने उन्हें काफी आहत किया है। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो टूर्नामेंट की हार ने मुझे बहुत चुभा है। मैं हर चीज में प्रतिस्पर्धी हूं, और सफलता के इतने वर्षों के बाद, यह हार और भी ज्यादा परेशान करती है। इसलिए, इस बार मैं बदला लेने और जीत के साथ अपना सफर समाप्त करने के लिए भूखी हूं।’

ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी की रीढ़

2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाली शूट ने अपने करियर में 240 मैचों में 309 विकेट लिए हैं। उनकी इन-स्विंग गेंदबाजी ने दुनिया भर के बल्लेबाजों को परेशान किया है। 2013 के 50-ओवर विश्व कप में 15 विकेट लेकर उन्होंने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब वे अपनी उसी लय को अंतिम बार दोहराना चाहती हैं।

नई पीढ़ी का स्वागत

शूट का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के पास तेज गेंदबाजों का एक बेहतरीन पूल है। उन्होंने लुसी हैमिल्टन जैसे उभरते हुए खिलाड़ियों की सराहना की और कहा कि टीम में डार्सी ब्राउन जैसी खिलाड़ियों का न होना यह दर्शाता है कि ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी कितनी मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं चाहती कि मैं तब तक टीम में बनी रहूं जब तक मैं टीम के लिए बोझ न बन जाऊं। मैं काफी आत्म-जागरूक हूं और जानती हूं कि अब नई प्रतिभाओं के लिए मौका देने का सही समय है।’

टूर्नामेंट की तैयारी

ऑस्ट्रेलियाई टीम ब्रिसबेन में प्रशिक्षण लेने के बाद अब इंग्लैंड की ओर रुख कर रही है। वहां वे दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेंगे। 13 जून को मैनचेस्टर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टूर्नामेंट का आगाज होगा। शूट के लिए यह न केवल एक और टूर्नामेंट है, बल्कि एक शानदार करियर का अंतिम अध्याय है।

निष्कर्ष

मेगन शूट का क्रिकेट में योगदान अमूल्य रहा है। उनके अनुभव और खेल के प्रति उनके समर्पण ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं। फैंस अब उम्मीद कर रहे हैं कि यह दिग्गज गेंदबाज अपने अंतिम विश्व कप में एक बार फिर उसी जोश के साथ मैदान पर उतरेगी और खिताब जीतकर एक यादगार विदाई लेगी।