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Mo Bobat: RCB ‘walk towards pressure situations rather than away from them’ – आरसीबी और रजत पाटीदार का धमाल: मो बोबाट ने खोला सफलता का राज

आईपीएल 2026: आरसीबी का दबाव पर विजय पाने का नया मंत्र

आईपीएल 2026 के क्वालीफायर 1 में जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का मुकाबला गुजरात टाइटंस (GT) से हुआ, तो मैदान पर एक ऐसा पल आया जिसने मैच की पूरी दिशा ही बदल दी। वह रजत पाटीदार की बल्लेबाजी का दौर था। जेसन होल्डर के दोहरे झटके के बाद जब टीम संकट में थी, तब पाटीदार ने केवल 11 गेंदों में 16 रन बनाकर पारी को संभाला। लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने जो गियर बदला, उसने गुजरात के बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। पाटीदार की इस आक्रामकता के सामने गुजरात टाइटंस की रणनीतियां धरी की धरी रह गईं।

पाटीदार की यह बेहतरीन पारी ऐसे समय में आई है जब भारतीय क्रिकेट में नए टी20 चक्र की शुरुआत हो रही है और उन्हें टीम इंडिया में मौका देने, यहाँ तक कि कप्तानी सौंपने की मांग भी लगातार तेज हो रही है। आईपीएल 2026 में पाटीदार आरसीबी के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 196.76 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 483 रन बनाए हैं। आरसीबी के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट मो बोबाट के लिए यह पारी पाटीदार के एक महान खिलाड़ी के रूप में उभरने का सबसे बड़ा प्रमाण है।

रजत पाटीदार का विकास: ‘स्पिन-बैशर’ से ऑलराउंड हिटर तक

मो बोबाट ने मैच के बाद पाटीदार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “वह इस समय शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं और पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने ऐसा ही किया है। आज की पारी वास्तव में विशेष थी और मुझे यकीन है कि क्वालीफायर जैसे बड़े मैच में टीम के लिए खड़े होने पर उन्हें गर्व होगा।” बोबाट ने आगे कहा कि जब कप्तान या मुख्य खिलाड़ी इस तरह का प्रदर्शन करता है, तो पूरी टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ जाता है। पाटीदार का यह आक्रामक रवैया टीम के लिए एक मिसाल बन गया है।

पाटीदार के खेल में आए इस बदलाव पर बात करते हुए बोबाट ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे याद है कि पिछले सीजन में मैंने उन्हें ‘स्पिन-बैशर’ (केवल स्पिन खेलने वाला) कह दिया था, जिससे वे थोड़े नाराज हो गए थे क्योंकि मेरा मतलब था कि वह सिर्फ स्पिन को अच्छा खेलते हैं। शायद अब वह मुझे गलत साबित करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने ऐसा करके भी दिखाया है।”

बोबाट ने बताया कि पाटीदार ने दिनेश कार्तिक (डीके) और कोच एंडी फ्लावर के साथ अपने खेल पर कड़ी मेहनत की है। पाटीदार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि गेंद अक्सर उनके बल्ले के बीचों-बीच (मिडल) लगती है, चाहे वह तेज गेंदबाजी हो या स्पिन, फ्रंट फुट हो या बैक फुट। उनके इसी मजबूत बेसिक्स और निडर रवैये को आरसीबी ने पिछले दो वर्षों में अपनी पहचान बनाने का प्रयास किया है।

दबाव का सामना करना: आरसीबी की नई टीम संस्कृति

सालों तक आरसीबी को केवल कुछ बड़े सितारों पर निर्भर रहने वाली टीम के रूप में देखा जाता था। लेकिन पिछले दो सीजन में टीम की संस्कृति में बड़ा बदलाव आया है। अब टीम के पास हर नंबर पर मैच जिताने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। बोबाट ने इस पर खुशी जताते हुए कहा, “मैं विशेष रूप से इस बात से खुश हूं कि हमारी जीत में कई खिलाड़ी योगदान दे रहे हैं। जब लोग ‘कम्प्लीट टीम’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो मेरा मतलब इसी से होता है। हम किसी एक या दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं हैं।”

दबाव के क्षणों में खिलाड़ियों के चरित्र पर बात करते हुए बोबाट ने कहा कि अनुभव बहुत मायने रखता है। उन्होंने टीम के विभिन्न खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा, “विराट कोहली की तीव्रता, उनकी भूख और लड़ने का जज्बा हर कोई जानता है। लेकिन हमारी टीम में अन्य खिलाड़ी भी इसी तरह के जुझारू स्वभाव के हैं। क्रुणाल पांड्या हमेशा कठिन परिस्थितियों में खुद को झोंकने के लिए तैयार रहते हैं। भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड भले ही शांत स्वभाव के हैं, लेकिन वे भी बड़े पलों में जिम्मेदारी लेने से पीछे नहीं हटते। अगर आप ऐसी टीम बनाते हैं जहां खिलाड़ी दबाव से भागने के बजाय उसकी तरफ बढ़ते हैं, तो यह बहुत मायने रखता है।”

वेंकटेश अय्यर: निस्वार्थ भावना और टीम के प्रति समर्पण

आरसीबी के इस सीजन की एक और बड़ी कहानी वेंकटेश अय्यर की रही है। बड़े कद के खिलाड़ी होने के बावजूद उन्हें सीजन की शुरुआत बेंच पर बैठकर करनी पड़ी। लेकिन जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने शानदार खेल दिखाया। पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ पाटीदार की अनुपस्थिति में नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने नाबाद 73 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। इसके बाद उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और फिर गुजरात टाइटंस के खिलाफ क्वालीफायर 1 में ओपनिंग की। उनकी इस बहुमुखी प्रतिभा ने टीम को मजबूत किया है, खासकर तब जब फाइनल मैच में फिल साल्ट उंगली की चोट के कारण बाहर हो सकते हैं।

वेंकटेश अय्यर के रवैये की तारीफ करते हुए मो बोबाट ने कहा, “वेंकी का रवैया कमाल का रहा है। भारत के लिए खेल चुके और आईपीएल जीत चुके खिलाड़ी के लिए बेंच पर बैठना आसान नहीं होता। लेकिन उन्होंने कभी भी इसे अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।” बोबाट ने सीजन की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि जब देवदत्त पडिक्कल नंबर 3 पर रन बना रहे थे, तो डगआउट से सबसे ज्यादा ताली बजाने वाले वेंकटेश ही थे। यह टीम के भीतर के शानदार माहौल को दर्शाता है। उन्होंने अपनी बारी का इंतजार किया और मौका मिलते ही पहली गेंद से विराट कोहली के साथ मिलकर गुजरात टाइटंस पर धावा बोल दिया।

आरसीबी: लगातार दूसरा खिताब जीतने की राह पर

आरसीबी की इस सीजन की कहानी अलग-अलग मैच विजेताओं और उनके मजबूत चरित्र के इर्द-गिर्द बुनी गई है। सभी खिलाड़ी एक ही लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। अब आरसीबी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और मुंबई इंडियंस (MI) के बाद अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली तीसरी टीम बनने से सिर्फ एक जीत दूर है। रजत पाटीदार के शब्दों में कहें तो, आरसीबी अब सचमुच ‘हमलावर चैंपियन’ (Attacking Champions) बनने की ओर अग्रसर है।