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Fact Check- Did Umpire Anil Chaudhary Count Sai Sudharsan’s Dismissal Unfair? – फैक्ट चेक: क्या साई सुदर्शन का हिट-विकेट आउट गलत था? अनिल चौधरी के वीडियो का सच

IPL 2026: क्वालीफायर 1 में साई सुदर्शन का विवादित विकेट

आईपीएल 2026 के हालिया क्वालीफायर 1 मुकाबले में गुजरात टाइटंस (GT) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच हुआ मैच चर्चाओं में है। धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मैच में साई सुदर्शन का ‘हिट-विकेट’ आउट होना खेल का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस विकेट के बाद गुजरात टाइटंस की पारी लड़खड़ा गई और टीम बड़ा लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रही।

मैच की बात करें तो शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। आरसीबी के बल्लेबाजों ने रणनीति के तहत आक्रामक रुख अपनाया। रजत पाटीदार की तूफानी 93* रनों की पारी (33 गेंद) और क्रुणाल पांड्या के 43 रनों की मदद से आरसीबी ने आईपीएल प्लेऑफ इतिहास का सर्वोच्च स्कोर 254/5 खड़ा किया। जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम 162 रनों पर सिमट गई और आरसीबी ने 92 रनों से जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट कटा लिया।

अनिल चौधरी का वायरल वीडियो और हिट-विकेट विवाद

साई सुदर्शन के आउट होने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी हिट-विकेट के नियमों की व्याख्या करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में अनिल चौधरी कह रहे हैं, “नियम 35.2 के अनुसार, यदि कोई बल्लेबाज अपना शॉट पूरा कर लेता है और उसके बाद उसके शरीर या कपड़े का कोई हिस्सा स्टंप्स पर लगता है, तो उसे हिट-विकेट नहीं माना जाएगा।”

इस वीडियो को देखकर प्रशंसकों ने दावा किया कि साई सुदर्शन के साथ गलत हुआ। हालांकि, गहन पड़ताल के बाद यह स्पष्ट हुआ कि अनिल चौधरी का यह वीडियो साई सुदर्शन की घटना से संबंधित नहीं है। यह वीडियो किसी अन्य पुराने सवाल के जवाब में बनाया गया था, जिसे वर्तमान घटना के साथ जोड़कर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

क्रिकेट के नियम क्या कहते हैं?

एमसीसी (MCC) के नियम 35.1 के अनुसार, एक बल्लेबाज तब ‘हिट-विकेट’ आउट होता है जब वह गेंद को खेलते समय या शॉट खेलने के बाद पहला रन लेने के लिए दौड़ते समय अपने बल्ले या शरीर से स्टंप्स को गिरा देता है।

  • नियम 35.1.1: बल्लेबाज हिट-विकेट आउट है यदि गेंद को खेलते समय स्टंप्स गिर जाते हैं।
  • नियम 35.1.1.2: शॉट खेलने के तुरंत बाद पहला रन लेते समय भी यह नियम लागू होता है।

साई सुदर्शन के मामले में, उन्होंने गेंद को पुल करने का प्रयास किया था, लेकिन शॉट पूरा करने के बाद उनका बल्ला स्टंप्स पर लग गया था। क्रिकेट के आधिकारिक नियमों के दायरे में यह एक स्पष्ट हिट-विकेट आउट था, न कि वह स्थिति जिसका वर्णन अनिल चौधरी ने अपने वायरल वीडियो में किया है।

गुजरात टाइटंस के लिए आगे का रास्ता

क्वालीफायर 1 में हार के बावजूद गुजरात टाइटंस के पास फाइनल में पहुंचने का एक और मौका है। अब उन्हें क्वालीफायर 2 खेलना होगा, जहाँ उनका सामना सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच होने वाले ‘एलिमिनेटर’ मैच के विजेता से होगा।

एलिमिनेटर मुकाबला 27 मई को मुल्लनपुर में खेला जाएगा, जबकि क्वालीफायर 2 भी उसी मैदान पर 29 मई को आयोजित होगा। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पहले ही 31 मई को अहमदाबाद में होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुकी है। यह साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और क्रिकेट के वास्तविक नियमों के बीच का अंतर समझना जरूरी है, ताकि किसी भी खिलाड़ी के आउट होने पर सही स्थिति स्पष्ट हो सके।

अंततः, साई सुदर्शन का विकेट नियमों के अनुसार ही था और अनिल चौधरी का वीडियो इस विशेष मामले में गलत संदर्भ में प्रसारित किया गया था। अब गुजरात टाइटंस की नजरें क्वालीफायर 2 पर टिकी हैं ताकि वे फाइनल का सफर तय कर सकें।