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“I don’t want to show that I want to play” – Bhuvneshwar Kumar Delivers Honest V on his career

भारतीय क्रिकेट में भुवनेश्वर कुमार का सफर और उनका बेबाक अंदाज

भारतीय क्रिकेट टीम के स्विंग के सुल्तान कहे जाने वाले भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मुख्यधारा से दूर रहे हैं। उनका आखिरी वनडे मैच 21 जनवरी 2022 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था, जबकि आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था। इस लंबे अंतराल के बाद भी, उनकी गुणवत्ता और अनुभव पर किसी को संदेह नहीं है।

भुवनेश्वर कुमार। (श्रेय: X.com)

आईपीएल 2026 में शानदार वापसी

आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर कुमार ने अपनी गेंदबाजी का लोहा फिर से मनवाया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान 28 विकेट लिए और पर्पल कैप विजेता से सिर्फ एक विकेट पीछे रहकर दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बने। उनके इस प्रदर्शन ने प्रशंसकों के बीच भारतीय टी20 टीम में उनकी वापसी की चर्चा तेज कर दी थी। हालांकि, चयनकर्ताओं ने युवा खिलाड़ियों को तरजीह देने की नीति अपनाते हुए उन्हें इंग्लैंड, आयरलैंड और एशियाई खेलों के लिए टीम में शामिल नहीं किया।

“I don’t want to show that I want to play” – Bhuvneshwar Kumar Delivers Honest V

अपनी अनदेखी के बावजूद, भुवनेश्वर कुमार ने बेहद शालीनता से अपनी बात रखी। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “मेरा स्वभाव ऐसा है कि मैं यह नहीं दिखाना चाहता कि मुझे खेलने की बहुत जल्दी है या मैं दबाव बना रहा हूँ। मेरा मानना है कि हर कोई अपना काम कर रहा है। चयनकर्ता अपना काम कर रहे हैं, और मैं अपना। यदि उन्हें लगता है कि मैं टीम के लिए योग्य हूँ, तो वे अपना काम करेंगे।” यह बयान न केवल उनके पेशेवर रवैये को दर्शाता है, बल्कि उनकी परिपक्वता को भी प्रदर्शित करता है।

खेल के प्रति उनका समर्पण और कृतज्ञता

भुवनेश्वर कुमार की यह खूबी रही है कि उन्होंने हमेशा सुर्खियों के बजाय अपने प्रदर्शन को प्राथमिकता दी है। वे मानते हैं कि भारत के लिए खेलना अपने आप में एक बड़ा सम्मान है। उन्होंने कहा, “मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, उसके लिए मैं आभारी हूँ। यदि मैंने भारत के लिए नहीं खेला होता, तो शायद मुझे खेलने की बहुत ललक होती। मैं उन भाग्यशाली खिलाड़ियों में से हूँ जिन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।”

भविष्य की ओर देखते हुए

क्या हम भुवनेश्वर को फिर से नीली जर्सी में देखेंगे? यह सवाल अभी भी बना हुआ है। हालांकि, जिस तरह से उन्होंने खुद को शांत रखा है, वह बताता है कि वे खेल का आनंद ले रहे हैं। उनकी गेंदबाजी में आज भी वही पुरानी धार है, जो किसी भी बल्लेबाजी क्रम को परेशानी में डाल सकती है। वे आज भी घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी उपयोगिता साबित कर रहे हैं।

निष्कर्ष

भुवनेश्वर कुमार का भारतीय क्रिकेट में योगदान अमूल्य है। चाहे टीम में वापसी हो या न हो, वे एक आदर्श खिलाड़ी के रूप में जाने जाएंगे। उनकी ईमानदारी और खेल के प्रति सम्मान उन्हें युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनाता है। खेल में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन एक खिलाड़ी की असली पहचान उसके व्यक्तित्व और खेल के प्रति उसके नजरिए से होती है, जिसे भुवनेश्वर ने बखूबी निभाया है।

  • आईपीएल 2026 में कुल विकेट: 28
  • अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय: नवंबर 2022
  • दृष्टिकोण: चयनकर्ताओं पर भरोसा और स्वयं के प्रदर्शन पर ध्यान

अंततः, भुवनेश्वर कुमार का यह बयान भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण है जो लंबे समय से टीम से बाहर हैं लेकिन मैदान पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। धैर्य और शांति के साथ अपने काम को जारी रखना ही उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाता है।