“‘My goal was to do something special’ – Ferdous after match-winning fifty agains” | बांग्लादेश की शानदार जीत
बांग्लादेश की नई सनसनी: जुएरिया फिरदौस का ऐतिहासिक प्रदर्शन
बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की युवा सनसनी जुएरिया फिरदौस ने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। नीदरलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के रोमांचक मुकाबले में केवल 20 वर्षीय फिरदौस ने एक ऐसी पारी खेली, जिसने बांग्लादेश को एक ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर किया। मैच के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “‘My goal was to do something special’ – Ferdous after match-winning fifty agains”। उनकी इस निडर बल्लेबाजी ने यह साबित कर दिया कि अनुभव की कमी को हौसले और सही रणनीति से पूरा किया जा सकता है।
नीदरलैंड द्वारा दिए गए 140 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन मध्यक्रम में लड़खड़ाने के बाद टीम का स्कोर 85 रन पर 4 विकेट हो गया था। इस नाजुक मोड़ पर भी फिरदौस ने संयम नहीं खोया। अंततः बांग्लादेश ने 5 गेंद शेष रहते हुए 6 विकेट से यह मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह नीदरलैंड का टी20 वर्ल्ड कप में पहला मैच था, और बांग्लादेश ने इस चुनौती का बखूबी सामना किया।
पहले विश्व कप मैच का दबाव और फिरदौस का इरादा
मैच के बाद जुएरिया फिरदौस ने अपनी रणनीति और भावनाओं के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “चूंकि यह टूर्नामेंट का मेरा पहला मैच था और मेरा पहला विश्व कप मुकाबला भी था, इसलिए मेरा इरादा कुछ खास करने और टीम की जीत में योगदान देने का था। मुझे बेहद खुशी है कि मैं टीम के लिए योगदान दे सकी, भले ही वह छोटा ही क्यों न हो।”
अपनी बल्लेबाजी योजना को समझाते हुए उन्होंने आगे कहा, “मेरा पूरा ध्यान इस बात पर था कि मैं पावरप्ले का सर्वोत्तम उपयोग कैसे कर सकती हूं। एक बार जब मैं क्रीज पर सेट हो गई, तो मैं एक बड़ी पारी खेलना चाहती थी। यही मेरी योजना थी और मैंने इसे मैदान पर उतारने की पूरी कोशिश की। हालांकि, मैं इसे पूरी तरह से अंजाम नहीं दे सकी क्योंकि अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद मैं आउट हो गई। लेकिन तब तक, मैंने लगातार एक बड़ी पारी खेलने का प्रयास जारी रखा।”
अपने अर्धशतक के बाद तुरंत आउट होने पर फिरदौस का खुद के प्रति यह कड़ा रवैया दिखाता है कि उनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल करने की कितनी गहरी भूख है।
कप्तान के शून्य पर आउट होने के बाद बढ़ा दबाव
यह रन चेज बांग्लादेश के लिए पूरी तरह से आसान नहीं था। टीम की अनुभवी कप्तान निगार सुल्ताना बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गईं। नीदरलैंड्स की लेग स्पिनर कैरोलिन डी लांगे की एक फ्लाइटेड डिलीवरी पर सुल्ताना चकमा खा गईं और गेंद उनके बल्ले के नीचे से निकलकर सीधे ऑफ स्टंप पर जा लगी।
कप्तान के इस तरह आउट होने पर फिरदौस ने कहा, “जब ज्योति अपू (निगार सुल्ताना) आउट हुईं, तो थोड़ा तनाव जरूर था क्योंकि वह हमारी सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। लेकिन मुझे अपनी बाकी बल्लेबाजी लाइन-अप पर पूरा भरोसा था। मुझे विश्वास था कि कोई न कोई खिलाड़ी टीम को जीत की दहलीज पार कराएगा और मैदान पर बिल्कुल वैसा ही हुआ।”
किस्मत का मिला साथ और फिरदौस की आक्रामक पारी
जुएरिया फिरदौस ने इस साल जनवरी में टी20 वर्ल्ड कप क्वालीफायर के दौरान बांग्लादेश के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। इसके ठीक दस दिन बाद उन्होंने थाईलैंड के खिलाफ अपना पहला अर्धशतक जड़ा था। श्रीलंका के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के दौरान उन्होंने अपना वनडे डेब्यू भी किया। इस मुकाबले से ठीक पहले स्कॉटलैंड और नीदरलैंड के साथ एडिनबर्ग में हुई त्रिकोणीय श्रृंखला का भी वह हिस्सा थीं। यह उनके टी20 करियर का केवल 15वां मैच था।
फिरदौस ने अपनी इस पारी में शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने मात्र 32 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 2 शानदार छक्के शामिल थे। हालांकि, उनकी इस पारी में किस्मत का भी बड़ा हाथ रहा। पारी के नौवें ओवर में डीप मिडविकेट पर स्टेर कालिस ने आगे की ओर गोता लगाते हुए एक बेहतरीन कैच लपकने का प्रयास किया। मैदानी अंपायर ने फैसला तीसरे अंपायर की ओर भेजा, जहां रिप्ले में देखा गया कि कालिस की उंगलियां गेंद के नीचे पूरी तरह से नहीं थीं और फैसला बल्लेबाज के पक्ष में रहा। यह मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
इसके बाद रोबिन रिके ने भी अपनी ही गेंद पर फिरदौस का एक कठिन रिटर्न कैच छोड़ दिया। इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए फिरदौस ने लगातार दो चौके जड़े। उन्होंने डी लांगे की गेंद पर छक्का मारकर अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन अगली ही गेंद पर पॉइंट पर खड़ी फेबे मोल्केनबोएर को आसान कैच दे बैठीं।
शर्मीन और शोर्ना की साझेदारी ने दिलाई ऐतिहासिक जीत
फिरदौस के आउट होने के बाद बांग्लादेश की पारी को शर्मीन अख्तर और शोर्ना अख्तर ने संभाला। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए अटूट अर्धशतकीय साझेदारी हुई। टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में बांग्लादेश के लिए यह पहला मौका था जब एक ही पारी में दो अर्धशतकीय साझेदारियां देखने को मिलीं। इससे पहले फिरदौस और दिलारा अख्तर ने पहले विकेट के लिए 67 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की थी।
अनुभवी शर्मीन अख्तर ने संयम से खेलते हुए नाबाद 37 रन बनाए, जबकि शोर्ना अख्तर ने आखिरी ओवर के रोमांच को खत्म करते हुए पहली ही गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर से चौका लगाकर बांग्लादेश को शानदार जीत दिलाई।
नीदरलैंड के लिए सीख और आगे की राह
नीदरलैंड की कप्तान बेबेट डी लीडे ने अपनी टीम के इस पहले टी20 वर्ल्ड कप अनुभव पर बात करते हुए कहा कि उनकी टीम ने इस मैच से बहुत कुछ सीखा है जो आगे भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ काम आएगा।
डी लीडे ने कहा, “आज हमने जो प्रयास किया, उस पर हम सभी को गर्व होना चाहिए। मुझे अभी भी लगता है कि हम विशेष रूप से फील्डिंग और बल्लेबाजी में सुधार कर सकते हैं। अभी बहुत कुछ खेलना बाकी है और आगे काफी मौके आएंगे। हमें उम्मीद है कि हमारे अन्य बल्लेबाजों से भी बड़े रन देखने को मिलेंगे। हमें पूरा विश्वास है कि हम इस स्तर पर खेलने के हकदार हैं और हमने इसके लिए कड़ी मेहनत की है। अगले मैच में हम और मजबूती से वापसी करेंगे।”
उन्होंने बांग्लादेश की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा, “हमारी पारी कभी भी पूरी तरह रफ्तार नहीं पकड़ पाई क्योंकि हमने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। बांग्लादेश ने बेहतरीन गेंदबाजी की। वे पहले भी विश्व कप खेल चुके हैं और यह उनके प्रदर्शन में साफ दिखाई देता है। वे एक सटीक मशीन की तरह खेलते हैं।”
आगामी चुनौती: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला
बांग्लादेश की इस शानदार शुरुआत के बाद अब उनका अगला मुकाबला बुधवार को मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम से होगा। ऑस्ट्रेलिया जैसी चैंपियन टीम का सामना करने के लिए बांग्लादेश को अपने खेल के स्तर को और ऊंचा उठाना होगा और जुएरिया फिरदौस जैसी युवा खिलाड़ियों से एक बार फिर ऐसी ही धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी।