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ICC के बड़े बदलाव: एक ही टेस्ट मैच में लाल और गुलाबी गेंद का हो सकता है इस्तेमाल

क्रिकेट के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी में ICC

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट के नियमों (Playing Conditions) में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। जय शाह की अगुवाई में आईसीसी टी20 मैचों में इनिंग्स ब्रेक के समय को कम करने, वनडे में ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मुख्य कोचों के मैदान पर प्रवेश और सबसे महत्वपूर्ण रूप से टेस्ट क्रिकेट में गेंद के रंग को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। खेल के पारंपरिक ढांचे को बनाए रखते हुए समय की मांग के अनुसार इसमें बदलाव करने की यह कोशिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एक ही टेस्ट मैच में लाल और गुलाबी गेंद का अनोखा प्रयोग

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में जब से इस खेल की शुरुआत हुई है, लाल गेंद का इस्तेमाल ही पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में डे-नाइट टेस्ट मैचों के लिए गुलाबी गेंद (Pink Ball) का चलन शुरू हुआ है। लेकिन अब आईसीसी एक ही टेस्ट मैच के दौरान परिस्थितियों के अनुसार दोनों गेंदों का उपयोग करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यह पारंपरिक क्रिकेट के इतिहास में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

आपसी सहमति से ही लिया जा सकेगा यह बड़ा फैसला

क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए प्रस्तावित नियमों के तहत यदि खराब रोशनी या मौसम के कारण खेल में बाधा आती है, तो खेल को फ्लडलाइट्स के तहत जारी रखने के लिए लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए एक अनिवार्य शर्त रखी गई है। मैच के दौरान गेंद बदलने के लिए दोनों टीमों की ‘आपसी सहमति’ (Mutual Consent) होना बेहद जरूरी होगा। यदि कोई एक टीम भी इस बदलाव के लिए सहमत नहीं होती है, तो खराब रोशनी या खराब परिस्थितियों में भी गेंदबाजी करने वाली टीम गुलाबी गेंद का उपयोग नहीं कर पाएगी।

अहमदाबाद की बैठक में हो सकता है अंतिम निर्णय

इस बड़े और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर हाल ही में आयोजित आईसीसी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की समिति (Chief Executives Committee) की वर्चुअल बैठक में विस्तृत चर्चा की गई है। इस बैठक में आईसीसी क्रिकेट समिति के प्रमुख और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी शामिल थे। इस बैठक में चर्चा किए गए प्रस्तावों पर अंतिम फैसला 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली आईसीसी बोर्ड की आगामी बैठक में लिया जा सकता है।

आईसीसी के नियम और प्लेइंग कंडीशंस बदलने की पूरी प्रक्रिया

कई क्रिकेट प्रशंसकों के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि आईसीसी अपने नियमों या प्लेइंग कंडीशंस में बदलाव कैसे करती है। आईसीसी के पास इसके लिए एक बेहद सुव्यवस्थित और बहु-स्तरीय समिति प्रक्रिया है:

  • क्रिकेट समिति का गठन: सबसे पहले पूर्व क्रिकेटरों, अंपायरों और कोचों से बनी क्रिकेट समिति खेल से जुड़े मुद्दों की पहचान करती है और आवश्यक बदलावों का मसौदा तैयार करती है।
  • मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की समिति (CEC): एक बार जब समिति प्रस्ताव तैयार कर लेती है, तो इसे मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की समिति के पास भेजा जाता है। इस समिति में सभी पूर्ण सदस्य देशों के सीईओ शामिल होते हैं, जो इन बदलावों की व्यवहार्यता, निष्पक्षता और वैश्विक प्रभाव पर बहस करते हैं और फिर इस पर मतदान करते हैं।
  • आईसीसी बोर्ड की मंजूरी: सीईसी की सिफारिशों को अंतिम मंजूरी के लिए आईसीसी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सामने प्रस्तुत किया जाता है। पूर्ण सदस्य देशों और एसोसिएट सदस्य प्रतिनिधियों की बैठक के बाद इसे अंतिम रूप से लागू या खारिज किया जाता है।
  • लागू करने की समय-सीमा: नियम को मंजूरी मिलने के बाद, आईसीसी नए नियमों को प्रभावी बनाने के लिए एक विशिष्ट समय-सीमा तय करती है, जिन्हें आमतौर पर किसी नई द्विपक्षीय श्रृंखला या किसी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट की शुरुआत से लागू किया जाता है।

वनडे क्रिकेट में ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर उतर सकेंगे हेड कोच

गेंद के रंग में बदलाव के अलावा, आईसीसी एक और बड़ा नियम लागू करने की तैयारी में है। इस नए संशोधन के तहत अब मैच के ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान टीम के हेड कोच को मैदान पर जाने की अनुमति दी जाएगी। वर्तमान नियमों के अनुसार, ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान केवल स्थानापन्न (Substitute) खिलाड़ियों को ही मैदान पर जाने की अनुमति होती है।

यह नियम मुख्य रूप से वनडे (ODI) क्रिकेट में लागू किया जा सकता है, जहां हर पारी में दो ड्रिंक्स ब्रेक होते हैं, जो एक-दूसरे से एक घंटे और 10 मिनट के अंतराल पर निर्धारित होते हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मैदान पर जाते समय कोच के लिए टीम की जर्सी पहनना अनिवार्य होगा या नहीं। इस बदलाव से कोचों को मैच के दौरान सीधे खिलाड़ियों से रणनीतिक चर्चा करने का मौका मिलेगा।

टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में इनिंग्स ब्रेक का समय होगा कम

टी20 क्रिकेट को और अधिक रोमांचक, तेज और समय के अनुकूल बनाने के लिए आईसीसी ने इनिंग्स ब्रेक के समय को घटाकर 15 मिनट करने का प्रस्ताव दिया है। वर्तमान नियमों के अनुसार, दो पारियों के बीच 20 मिनट का अंतराल निर्धारित होता है। आईसीसी चाहती है कि टीमें खेल की रफ्तार को बनाए रखने के लिए सिर्फ 15 मिनट के ब्रेक के बाद मैदान पर वापस लौटें और खेल को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें। इन बदलावों के लागू होने के बाद सीमित ओवरों के क्रिकेट की गति और भी तेज होने की उम्मीद है।