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Sangakkara: ‘Seen very few players criticised like Parag’ – RR कप्तान पर बड़ा बयान

रियान पराग: आलोचनाओं का सामना और नेतृत्व का सफर

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के प्रदर्शन और रियान पराग की कप्तानी ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। पराग ने इस सीजन में अब तक 152.80 के स्ट्राइक रेट और 24.72 के औसत से 272 रन बनाए हैं। हालांकि, उनके आंकड़ों से अधिक उनकी कप्तानी और परिपक्वता ने चर्चा बटोरी है। राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत के बाद पराग की जमकर प्रशंसा की है।

संगकारा ने स्पष्ट किया कि रियान पराग ही इस फ्रैंचाइजी का नेतृत्व करने के लिए सबसे सही व्यक्ति हैं। संगकारा ने कहा, ‘पिछले सात वर्षों में मैंने बहुत कम खिलाड़ियों को रियान की तरह आलोचनाओं का सामना करते देखा है। सोशल मीडिया पर एक वर्ग हमेशा से उनके खिलाफ रहा है, लेकिन यह आधुनिक क्रिकेट की सच्चाई है। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह इस टीम के लिए सही कप्तान हैं।’

मैदान पर पराग का लचीलापन

सीजन की शुरुआत में कप्तानी का जिम्मा संभालने के बाद पराग ने कुछ व्यक्तिगत चुनौतियों का भी सामना किया है। उनके बल्ले से केवल दो अर्धशतक निकले हैं। इसके अलावा, पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान वेपिंग विवाद के कारण भी वे सुर्खियों में रहे। हालांकि, संगकारा इन चीजों को एक युवा खिलाड़ी के सीखने की प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। संगकारा का मानना है कि पराग एक बहुत ही संवेदनशील, स्मार्ट और दृढ़निश्चयी व्यक्ति हैं, जो समय के साथ और बेहतर होते जाएंगे।

रणनीतिक फैसले और इम्पैक्ट प्लेयर का उपयोग

मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में राजस्थान रॉयल्स की रणनीति काफी प्रभावी रही। जब टीम के पांच विकेट गिर चुके थे, तो उन्होंने शुभम दुबे के बजाय जोफ्रा आर्चर को बल्लेबाजी के लिए भेजा। संगकारा ने बताया कि यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि टीम के पास गेंदबाजी विकल्प सुरक्षित रहें। ‘अगर हम उस समय किसी और बल्लेबाज को भेजते, तो हमें दासुन शनाका से चार ओवर करवाने पड़ते, जो इस पिच पर काफी कठिन होता,’ संगकारा ने समझाया।

इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को लेकर संगकारा का नजरिया काफी स्पष्ट है। उनका मानना है कि जब आप पहले गेंदबाजी कर रहे होते हैं, तो पांच मुख्य गेंदबाज पर्याप्त होते हैं, और छठे विकल्प का उपयोग बल्लेबाजी की गहराई बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रवींद्र जडेजा की चोट को मैनेज करना टीम की प्राथमिकता रही है, इसलिए उन्हें बल्लेबाजी के लिए भेजने का निर्णय बहुत सोच-समझकर लिया गया था।

भविष्य की ओर देखते हुए राजस्थान रॉयल्स

टीम का प्लेऑफ में पहुंचना यह दर्शाता है कि संगकारा और पराग का तालमेल सही दिशा में है। एक कोच के रूप में, संगकारा रियान पराग के साथ एक दीर्घकालिक रिश्ता बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि वे एक बेहतर कप्तान और बल्लेबाज बन सकें। पराग का अपनी चोट के बावजूद खेलने का जज्बा और मुश्किल परिस्थितियों में लिए गए उनके फैसले टीम के भीतर एक सकारात्मक माहौल पैदा करते हैं।

अंत में, कुमार संगकारा का यह समर्थन दर्शाता है कि राजस्थान रॉयल्स केवल एक सीजन के परिणामों पर नहीं, बल्कि भविष्य की नींव रखने पर जोर दे रही है। प्रशंसकों के लिए, यह देखना दिलचस्प होगा कि पराग आने वाले मैचों में अपनी इस कप्तानी और आत्मविश्वास को कैसे आगे ले जाते हैं। रियान पराग का सफर, जिसे अक्सर आलोचनाओं के चश्मे से देखा गया है, अब एक परिपक्व लीडर के रूप में बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। राजस्थान रॉयल्स का मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ पूरी तरह से उनके साथ खड़ा है, जो युवा खिलाड़ी के लिए किसी बड़े भरोसे से कम नहीं है।