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Sourav Ganguly raises concerns over Rishabh Pant’s T20 adaptation and leadership – सौरव गांगुली की ऋषभ पंत के प्रदर्शन और कप्तानी पर चिंता: क्या टी20 में संघर्ष कर रहे हैं पंत?

ऋषभ पंत का संघर्ष: एक प्रतिभा जो खुद को साबित करने की कोशिश में है

भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाजों में से एक, ऋषभ पंत, इन दिनों अपने करियर के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। आईपीएल की नीलामी में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) द्वारा 27 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदे जाने के बाद, उम्मीदें आसमान पर थीं। हालांकि, पिछले दो वर्षों में उनका फॉर्म लगातार नीचे गिरा है, जिसने प्रशंसकों और विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

सौरव गांगुली की स्पष्ट राय

हाल ही में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को दिए एक साक्षात्कार में, पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने ऋषभ पंत के प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता पर अपनी चिंता व्यक्त की। गांगुली ने स्वीकार किया कि पंत एक विश्व स्तरीय टेस्ट खिलाड़ी हैं, लेकिन टी20 प्रारूप में तालमेल बिठाने में उन्हें अभी भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

गांगुली ने कहा, ‘वह एक बहुत अच्छे टेस्ट खिलाड़ी हैं। उनकी टेस्ट बल्लेबाजी विश्व स्तरीय है। लेकिन टी20 क्रिकेट के अनुकूल ढलने में उन्हें अभी भी संघर्ष करना पड़ रहा है। मुझे उम्मीद है कि वह ऐसा कर पाएंगे क्योंकि उनके पास अपार प्रतिभा है।’

कप्तानी का बोझ और व्यक्तिगत प्रदर्शन

गांगुली ने आगे कहा कि कप्तानी का दबाव हर किसी पर अलग तरह से असर डालता है। उन्होंने कहा, ‘कप्तानी सभी पर एक बोझ है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे संभालते हैं। लेकिन आप कप्तान बनना भी चाहते हैं, क्योंकि यह एक बड़ा सम्मान है। इसलिए आपको वह संतुलन बनाना ही होगा। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो कोई और करेगा।’

लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए कप्तानी के आँकड़े

ऋषभ पंत के नेतृत्व में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। आईपीएल 2025 और 2026 में पंत ने टीम की कमान संभाली, लेकिन सफलता उनसे दूर रही।

  • कुल मैच: 28
  • जीत: 10
  • हार: 18
  • जीत का प्रतिशत: लगभग 35.7%

टीम का प्रदर्शन भी पंत की कप्तानी के साथ-साथ गिरता गया। 2025 में लखनऊ अंक तालिका में 7वें स्थान पर रही, जबकि 2026 में टीम अंतिम यानी 10वें स्थान पर खिसक गई।

बल्लेबाजी में गिरावट

पंत के आंकड़ों को देखें तो पिछले दो सीजन में उनके बल्ले की चमक फीकी पड़ी है:

पिछली पारी में, पंत ने केवल 269 रन बनाए, जहां उनका औसत 24.45 रहा। वहीं, आईपीएल 2026 में उन्होंने 13 पारियों में 312 रन बनाए, जिससे उनका औसत 28.36 रहा। यह उनके कुल आईपीएल करियर के औसत 33.60 से काफी कम है। चोटों की बार-बार वापसी और मैदान के बाहर रहने के कारण भी उनकी लय टूटती रही है, जिसका सीधा असर उनके खेल पर पड़ा है।

आगे का रास्ता

सौरव गांगुली का मानना है कि ऋषभ पंत को अपनी भूमिकाओं के बीच संतुलन बनाना सीखना होगा। क्रिकेट जगत के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पंत इस दबाव से बाहर निकलकर अपनी पुरानी लय हासिल कर पाते हैं। प्रतिभा की कमी उनमें नहीं है, लेकिन खेल के सबसे छोटे प्रारूप में खुद को साबित करना उनके करियर के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। यह देखना बाकी है कि क्या आने वाले समय में वह टी20 क्रिकेट की मांगों के अनुरूप खुद को ढाल पाते हैं या नहीं।

अंततः, एक क्रिकेटर के रूप में पंत को यह समझना होगा कि कप्तानी केवल एक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह खेल के मैदान पर प्रदर्शन के साथ मिलकर चलने वाला एक हुनर भी है।