IPL 2026: विराट कोहली ने मुकुल चौधरी को दी फिनिशर बनने की खास सलाह
क्रिकेट के दिग्गज से मिली सीख
आईपीएल 2026 के रोमांचक सीजन के बीच, लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने एक ऐसा किस्सा साझा किया है जो उनके करियर के लिए बेहद खास साबित हो सकता है। पंजाब किंग्स के खिलाफ टीम के आखिरी मैच से पहले, मुकुल ने खुलासा किया कि भारतीय क्रिकेट के दिग्गज विराट कोहली ने उन्हें खेल की बारीकियों के बारे में क्या सलाह दी। यह बातचीत तब हुई जब पिछले महीने बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में लखनऊ का मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से हुआ था।
छक्के मारना ही काफी नहीं है
मुकुल चौधरी के अनुसार, विराट कोहली ने उन्हें टी20 क्रिकेट के आधुनिक स्वरूप के बारे में एक महत्वपूर्ण बात समझाई। कोहली का मानना है कि आजकल हर खिलाड़ी लंबे छक्के मारने की क्षमता रखता है, लेकिन एक बड़ा खिलाड़ी वही बनता है जो दबाव के पलों में अपनी एकाग्रता बनाए रखता है। स्टार स्पोर्ट्स द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में मुकुल ने बताया कि कोहली ने उनसे कहा था, ‘आजकल की पीढ़ी में हर कोई छक्के मार लेता है, लेकिन खेल को अंत तक ले जाना और उसे समाप्त करना असली कला है।’
मैच फिनिश करने का महत्व
कोहली ने मुकुल को सलाह दी कि अगर टीम मुश्किल स्थिति में हो और दूसरे छोर से विकेट गिर रहे हों, तो एक बल्लेबाज को जिम्मेदारी लेते हुए अंत तक टिके रहना चाहिए। कोहली ने मुकुल की उस पारी का उदाहरण दिया जो उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ खेली थी। उस मैच में मुकुल ने दिखाया था कि कैसे दबाव में शांत दिमाग के साथ लक्ष्य का पीछा किया जाता है। कोहली ने उनसे कहा कि अगर वे इस तरह की मानसिकता के साथ खेलेंगे, तो भविष्य में वे भारत के सबसे बेहतरीन फिनिशर्स में से एक बन सकते हैं।
KKR के खिलाफ यादगार पारी और पहचान
मुकुल चौधरी का नाम रातों-रात तब सुर्खियों में आया जब उन्होंने 9 अप्रैल को ईडन गार्डन्स में KKR के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की थी। एक बेहद तनावपूर्ण स्थिति में आकर मुकुल ने मात्र 27 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाए और लखनऊ को जीत दिलाई। उस पारी में उन्होंने सात गगनचुंबी छक्के जड़े थे, जिसने सभी को चौंका दिया। लखनऊ के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर भी मुकुल की इस प्राकृतिक पावर-हिटिंग क्षमता से काफी प्रभावित हुए थे और उन्होंने भविष्य में उन्हें एक खतरनाक फिनिशर के रूप में देखा है।
युवा खिलाड़ी का सफर और एमएस धोनी से प्रेरणा
हालांकि, केकेआर के खिलाफ उस शानदार पारी के बाद मुकुल का प्रदर्शन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रहा। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 9 पारियों में 33.80 के औसत और 144.44 के स्ट्राइक रेट के साथ 169 रन बनाए हैं। मुकुल ने यह भी स्वीकार किया कि वे बचपन से ही एमएस धोनी को अपना आदर्श मानते आए हैं और उनकी तरह शांत रहकर मैच फिनिश करने और हेलीकॉप्टर शॉट लगाने की कोशिश करते हैं। विराट कोहली जैसी महान हस्ती से मिली यह सलाह निश्चित रूप से मुकुल के खेल में और अधिक परिपक्वता लाएगी। एक युवा खिलाड़ी के लिए, जो अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में है, खेल के सबसे महान दिग्गजों में से एक से मिली यह सीख किसी प्रेरणा से कम नहीं है। यह देखना दिलचस्प होगा कि मुकुल आने वाले समय में खुद को किस तरह से विकसित करते हैं।